ग्रंथसार
महाराज धृतराष्ट्र ने पांडवों के क्रोध से भयभीत होकर पहले तो यात्रा से मना किया, किंतु शकुनि के छलकपट ने उन्हें विवश कर दिया।
वनपर्व · अध्याय 236
धृतराष्ट्र से अनुमति की युक्ति