ग्रंथसार
पाण्डवों की अनुपस्थिति में काम्यक वन की कुटिया के द्वार पर खड़ी द्रौपदी पर सिन्धुराज जयद्रथ की कुदृष्टि पड़ी।
वनपर्व · अध्याय 259
काम्यक वन में जयद्रथ की दृष्टि द्रौपदी पर पड़ना