ग्रंथसार
आश्रम में सम्बन्धी के रूप में प्रविष्ट हुए जयद्रथ ने निर्लज्जता से द्रौपदी के सम्मुख कुत्सित प्रस्ताव रखा।
वनपर्व · अध्याय 262
जयद्रथ का कुटिया में प्रवेश और द्रौपदी को प्रलोभन