ग्रंथसार
भागते हुए जयद्रथ को अर्जुन के बाणों ने रोक लिया और भीमसेन ने उसे दबोचकर उसके सिर पर पाँच शिखाएँ छोड़ बाकी बाल मूँड डाले।
वनपर्व · अध्याय 269
जयद्रथ का बन्धन और मुण्डन