ग्रंथसार
द्रौपदी के हरण से व्यथित धर्मराज युधिष्ठिर को सान्त्वना देते हुए महर्षि मार्कण्डेय ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की पावन कथा आरम्भ की।
वनपर्व · अध्याय 272
मार्कण्डेय जी द्वारा रामोपाख्यान का आरम्भ