ग्रंथसार
वन के उपवन में स्वर्ण-पंखी हंसों ने राजा नल और दमयन्ती के बीच प्रेम का सन्देशवाहक बनकर अनुराग का अंकुर बोया।
वनपर्व · अध्याय 51
हंस-दूत प्रसंग