ग्रंथसार
विदुर को पुनः राजमहल में गले लगाते देख दुर्योधन और कर्ण के पैरों तले ज़मीन खिसक गई।
वनपर्व · अध्याय 6
विदुर की हस्तिनापुर वापसी और दुर्योधन का क्षोभ