ग्रंथसार
एक वस्त्र में लिपटे राजा नल जब पक्षियों द्वारा वह वस्त्र भी खो बैठे, तो विधाता की क्रूरता अपनी चरम सीमा पर पहुँच गई।
वनपर्व · अध्याय 60
नल का सर्वस्व गँवाना और दमयन्ती के साथ वन-गमन