ग्रंथसार
चेदिराज के अन्तःपुर में बैठी मलिनमुखी स्त्री को देखकर सुदेव ब्राह्मण ठिठक गया—धूल में लिपटी वह कान्ति विदर्भ राजकुमारी दमयन्ती के अतिरिक्त कोई और नहीं हो सकती थी।
वनपर्व · अध्याय 69
सुदेव द्वारा दमयन्ती की पहचान