ग्रंथसार
कुण्डिनपुर लौटकर दमयन्ती ने अपने बच्चों को गले लगाया, किन्तु नल के बिना उसका जीवन सूना था—उसने ब्राह्मणों को एक गुप्त श्लोक देकर पुनः खोज पर भेजा।
वनपर्व · अध्याय 71
दमयन्ती का विदर्भ आगमन और नल की खोज की नई योजना