ग्रंथसार
महर्षि व्यास की चेतावनी के उपरांत महर्षि मैत्रेय हस्तिनापुर पधारे और उन्होंने दुर्योधन को पाण्डवों के पराक्रम का स्मरण कराते हुए सन्धि का उपदेश दिया।
वनपर्व · अध्याय 8
महर्षि मैत्रेय का आगमन और उपदेश