ग्रंथसार
जहाँ साक्षात भगवान ब्रह्मा का नित्य निवास है, उस परम पावन पुष्कर तीर्थ की महिमा महर्षि पुलस्त्य ने भीष्म को सुनाई।
वनपर्व · अध्याय 81
पुलस्त्य-भीष्म संवाद: पुष्कर एवं पावन तीर्थों की महिमा