ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र की धूल में छिपे उस महानायक की पहचान के पीछे केवल शस्त्रों की शक्ति नहीं, बल्कि धर्म की विजय का संकल्प छुपा था।
विराटपर्व · अध्याय 12
अर्जुन का प्रकटीकरण