ग्रंथसार
अधर्म का अंत केवल शस्त्र से ही नहीं, अपितु संकल्प की दृढ़ता से होता है, आइए जानते हैं कि कैसे महाबली भीम ने द्रौपदी के सम्मान की रक्षा की।
विराटपर्व · अध्याय 23
कीचक का वध