ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र के उस महान रण की ओर बढ़ते पांडवों के पदचाप की गूँज आज भी इतिहास के पन्नों में धर्म की विजय गाथा सुनाती है।
विराटपर्व · अध्याय 56
कुरुक्षेत्र का मार्ग