ग्रंथसार
नयी ऋतु के आगमन के साथ आश्रम के शांत वातावरण में इतिहास के उन पन्नों की गूंज सुनाई दे रही है, जहाँ धर्म और अधर्म का सूक्ष्म संघर्ष अपनी पराकाष्ठा पर था।
विराटपर्व · अध्याय 6
कौरवों का मत्स्य राज्य पर आक्रमण