ग्रंथसार
गुरुदेव, विराटपर्व का समापन मात्र एक अध्याय का अंत है या फिर आगामी धर्मयुद्ध की कोई गूँजती हुई आहट?
विराटपर्व · अध्याय 67
विराटपर्व की पूर्णता