ग्रंथसार
भक्तों के वर्णन अनुसार — कैंची धाम की सीढ़ियाँ चढ़ते ही मन का कोलाहल शांत होने लगता है।
भक्त, शिष्य और आश्रम · कथा 11
तीर्थयात्री का अनुभव