ग्रंथसार
भक्तों के वर्णन अनुसार — हर साल जून की पंद्रह तारीख को कैंची धाम में जुड़ने वाला वह जनसमूह, जो महाराज-जी की स्मृति को जीवित रखता है।
भक्त, शिष्य और आश्रम · कथा 6
कैंची धाम आज और जून का भंडारा