ग्रंथसार
भक्तों के वर्णन अनुसार — नीब करोरी गाँव के पास जब रेलगाड़ी को रोका गया, तो वह तब तक नहीं हिली जब तक महाराज-जी की इच्छा पूरी नहीं हुई।
चमत्कार-कथाएँ · कथा 1
नीब करोरी की रुकी रेल