ग्रंथसार
भक्तों के वर्णन अनुसार — महाराज-जी एक ही समय में दो अलग-अलग स्थानों पर देखे गए, जिससे भक्तों को उनकी सर्वव्यापी प्रकृति का अनुभव हुआ।
चमत्कार-कथाएँ · कथा 2
एक साथ दो स्थान