ग्रंथसार
भक्तों के वर्णन अनुसार — एक यात्री के घर पहुँचने से पहले ही उसका प्रसाद उसके घर पहुँच गया, जो श्रद्धालुओं की अटूट श्रद्धा का विषय बन गया।
चमत्कार-कथाएँ · कथा 21
प्रसाद का अलौकिक आगमन