ग्रंथसार
भक्तों के वर्णन अनुसार — एक पत्र जिसका उत्तर उसने तब दिया, जब वह अभी तक अपनी मंजिल तक नहीं पहुँचा था।
चमत्कार-कथाएँ · कथा 6
उत्तर की प्रतीक्षा