ग्रंथसार
भक्तों के वर्णन अनुसार — जब कैंची धाम में श्री हनुमान जी की मूर्ति स्थापित हुई, तो वह केवल पत्थर का विग्रह नहीं, बल्कि प्रेम और समर्पण का एक जीवंत केंद्र बन गई।
चमत्कार-कथाएँ · कथा 9
हनुमान मूर्ति की स्थापना