ग्रंथसार
भक्तों के वर्णन अनुसार — फर्रुखाबाद के उस नीम के पेड़ के नीचे एक साधु बैठा था, और वहीं से एक नाम हमेशा के लिए अमर हो गया।
जीवन यात्रा · कथा 2
नीम करौली नाम का उद्भव