ग्रंथसार
भक्तों के वर्णन अनुसार — जहां भी वे गए, वहां श्री हनुमान जी के प्रति उनकी निष्ठा उनके मौन में भी गूँजती रही।
जीवन यात्रा · कथा 3
साधु जीवन और हनुमान जी के प्रति अनुराग