ग्रंथसार
महाराज-जी के सानिध्य में एक ऐसा परिवार बना जो बिना किसी रक्त संबंध के प्रेम के धागे से जुड़ा था।
जीवन यात्रा · कथा 9
भक्तों का परिवार