ग्रंथसार
नीति कोई सुदूर आदर्श नहीं, बल्कि दैनिक जीवन के प्रत्येक क्षण का विवेकपूर्ण समाधान है।
चाणक्य नीति · पाठ 12
सामान्य जीवन में नीति का सार