ग्रंथसार
समय भले ही बदल गया हो, लेकिन मानवीय व्यवहार की नीतियां आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी कि कल थीं।
पंचतंत्र और हितोपदेश · पाठ 12
प्राचीन कथाओं का आधुनिक बोध