ग्रंथसार
हाथ आई हुई वस्तु का फिसल जाना केवल भाग्य का खेल नहीं, बल्कि असावधानी और मूर्खता का परिणाम भी हो सकता है।
पंचतंत्र और हितोपदेश · पाठ 4
लब्ध प्रणाश: जो हाथ में है उसे बचाना