ग्रंथसार
शक्तिशाली के समक्ष शारीरिक बल नहीं, बल्कि कुशाग्र बुद्धि ही सुरक्षा का एकमात्र कवच बनती है।
पंचतंत्र और हितोपदेश · पाठ 7
बलवान के विरुद्ध बुद्धि का कौशल