ग्रंथसार
यह सब मैंने किया है, यह मेरे बिना संभव ही नहीं था — यह भाव मन में कितनी बार उठता है, है न?
आज का चिंतन · पाठ 10
आज का चिंतन: 'मैंने' का मोह