ग्रंथसार
मुट्ठी में रेत पकड़ने की कोशिश कभी की है? जितना कसकर आप उसे दबाते हैं, उतनी ही तेज़ी से वह उँगलियों के बीच से फिसल जाती है।
आज का चिंतन · पाठ 29
आसक्ति