ग्रंथसार
यह एक ऐसा गहन प्रश्न है जिसका उत्तर स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवद्गीता में दिया है कि कर्म की गति को समझना अत्यंत कठिन है।
आध्यात्मिक प्रश्न और शास्त्रों के उत्तर · पाठ 2
कर्म का फल कब मिलता है?