ग्रंथसार
संकट में साथ देना मित्रता की पहचान है, लेकिन क्या मित्र का साथ निभाते हुए उठे कठिन प्रश्नों को भी सुनना जरूरी नहीं?
चाणक्य नीति — कथाओं के साथ · पाठ 13
संकट में निभी मित्रता