ग्रंथसार
देवहूति ने अपनी उलझन छिपाई नहीं, और भगवान कपिल ने उनके प्रश्नों को केवल सांत्वना देकर टाला नहीं।
चाणक्य नीति — कथाओं के साथ · पाठ 20
देवहूति की ज्ञानयात्रा