ग्रंथसार
जब पिता की आज्ञा और एक बच्चे की भक्ति आमने-सामने आ गईं, तब प्रह्लाद के प्रसंग ने धर्म को पहचानने की एक कठिन कसौटी सामने रखी।
चाणक्य नीति — कथाओं के साथ · पाठ 21
करुणा से परखा धर्म