ग्रंथसार
सीखने के बाद गुरु को क्या दिया जाए—इस प्रश्न का उत्तर भगवान श्रीकृष्ण और बलराम जी की एक यात्रा में छिपा है।
चाणक्य नीति — कथाओं के साथ · पाठ 3
गुरुसेवा का अर्थ