ग्रंथसार
राजा पृथु के सामने भूखी प्रजा खड़ी हुई, तो राजसत्ता की असली परीक्षा शुरू हुई—क्या शासन लोगों की पीड़ा सुनकर अपना काम बदलेगा?
चाणक्य नीति — कथाओं के साथ · पाठ 37
पृथु का उत्तरदायी शासन