ग्रंथसार
पिता की गोद से लौटाए गए ध्रुव एक ऊँचा स्थान पाने निकले थे, लेकिन उनकी साधना ने उन्हें अपनी ही इच्छा को नए ढंग से देखना सिखाया।
चाणक्य नीति — कथाओं के साथ · पाठ 7
ध्रुव का अटल प्रयास