ग्रंथसार
जब अपने ही घर का निर्णय अन्याय लगे, तब अपनी चोट को दबाए बिना रिश्ते की गरिमा कैसे बचाई जाए?
घर-परिवार — रिश्तों की कथाएँ · पाठ 6
कैकेयी के सामने श्रीराम