ग्रंथसार
मन को बार-बार समझाने पर भी चिंता लौट आए, तो क्या हर बार लौटना हमारी हार है?
जीवन के प्रश्न — शास्त्र के उत्तर · पाठ 2
चिंता मन से जाती नहीं