ग्रंथसार
जब हर कोशिश के बाद मन अपने ही मूल्य पर संदेह करने लगे, तब अगला कदम कहाँ से उठे?
जीवन के प्रश्न — शास्त्र के उत्तर · पाठ 7
फिर असफल हुए तो?