ग्रंथसार
काम शुरू होने से पहले ही मन उसके परिणाम में उलझ जाए, तो भगवान श्रीकृष्ण की यह सीख हमें पहली सीढ़ी पर लौटाती है।
प्रातः श्रवण — जागने के बाद सुनें · पाठ 4
कर्म की पहली सीढ़ी