ग्रंथसार
सरयू के किनारे श्रीराम की यात्रा में आया एक छोटा-सा विराम बताता है कि बड़े दायित्व की शुरुआत हमेशा आगे बढ़ने से नहीं होती।
प्रातः श्रवण — जागने के बाद सुनें · पाठ 6
तैयारी का शांत बल