ग्रंथसार
अपने ननिहाल में भयंकर स्वप्न देख रहे भरत इस बात से अनजान थे कि अयोध्या में उनके जीवन की सबसे बड़ी परीक्षा उनकी प्रतीक्षा कर रही थी।
रामायण से जीवन की सीख · पाठ 2
भरत का त्याग