ग्रंथसार
पढ़ाई पूरी होने पर एक वैदिक शिक्षक ने अपने विद्यार्थी को ऐसी सीख दी, जिसकी परीक्षा किसी कक्षा में नहीं, रोज के जीवन में होनी थी।
सनातन को आगे कैसे ले जाएँ — जागरूकता · पाठ 8
शिक्षा के बाद जीवन