ग्रंथसार
वन की लंबी यात्रा के बीच माता सीता को मिला अनसूया जी का स्नेह हमें उन संबंधों की याद दिलाता है, जिनके सहारे दिन की थकान हल्की होती है।
शयन से पहले — सोने से पहले सुनें · पाठ 5
अनसूया का स्नेह