ग्रंथसार
जिस मित्र को देने के लिए आपके पास बहुत कम हो, क्या उसके सामने भी आप बिना संकोच अपने हो सकते हैं?
उदास हो तो ये सुनें · पाठ 5
खाली हाथ भी अपने