ग्रंथसार
आकाश के नक्षत्रों की चाल और भविष्य के संकेतों को समझना ज्ञान का एक अत्यंत गूढ़ और आवश्यक अंग है।
अग्नि पुराण · अध्याय 13
ज्योतिष शास्त्र और शकुन विचार